Kushinagar Flood: नेपाल से आए पानी के दबाव के बीच कुशीनगर में AP तटबंध करीब 100 मीटर तक टूट गया। तटबंध टूटते ही बाढ़ का पानी तेजी से आसपास के गांवों में फैल गया। करीब 20 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। कई इलाकों में घर, सड़क और खेत पानी में डूब गए हैं, जबकि बड़ी संख्या में लोग सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। रात में टूटा बांध सोमवार रात तटबंध टूटने की सूचना मिलते ही गांवों में अफरा-तफरी मच गई। किसी ने बच्चों को गोद में उठाया तो कोई बुजुर्गों का हाथ थामकर सुरक्षित जगह की ओर निकल पड़ा। पानी इतनी तेजी से गांवों में पहुंचा कि कई परिवार जरूरी सामान तक नहीं निकाल सके। AP तटबंध से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर स्थित जवही एहतमाली (गौरहा) गांव में हालात सबसे ज्यादा गंभीर बताए जा रहे हैं। यहां घरों में करीब दो से तीन फीट तक पानी पहुंच गया है और गांव का संपर्क लगभग टूट गया है। सड़क किनारे शरण लेने को मजबूर परिवार गांव के पास मौजूद बाजार, जहां आम दिनों में लोगों की आवाजाही रहती है, मंगलवार को लगभग सूना नजर आया। ज्यादातर दुकानें बंद रहीं और लोग पानी बढ़ने की चिंता में अपने घरों से बाहर निकलते रहे। गांव से बाहर सड़क किनारे पेड़ों की छांव में 100 से ज्यादा परिवारों ने अस्थायी शरण ली है। ग्रामीणों के मुताबिक, कई परिवारों के सामने भोजन और सुरक्षित ठिकाने की तत्काल समस्या खड़ी हो गई है। गांव निवासी फूलदेव साहनी ने बताया कि उन्हें रात करीब साढ़े दस बजे बांध टूटने की जानकारी मिली। गांव की आबादी करीब 3,500 है। परिवार के पांच सदस्यों के साथ वह बाहर निकल आए, जबकि उनके दो परिजन अभी घर पर ही हैं। उनका कहना है कि वहां तक पहुंचना मुश्किल है और राहत सामग्री भी नहीं मिल पाई है। घर डूबे, फसल बर्बाद छतों पर गुजरी रात बाढ़ के पानी ने कई परिवारों की गृहस्थी को प्रभावित किया है। जिन घरों में कुछ घंटे पहले तक रोजमर्रा का जीवन चल रहा था, वहां अब पानी भरा है। कच्चे मकानों के गिरने का खतरा बना हुआ है और गांव की गलियां जलमग्न हो गई हैं। बेदुपार ऐहतमाली गांव के सुबास प्रसाद अपनी पत्नी के साथ करीब दो फीट पानी से होकर मुख्य सड़क तक पहुंचे। उन्होंने बताया कि पानी इतनी तेजी से बढ़ा कि कुछ ही सामान बचाया जा सका। वह अब रिश्तेदार के घर जाने को मजबूर हैं। खेतों में खड़ी फसल भी पानी में डूब गई है। पशुओं को बचाने की भी जद्दोजहद बाढ़ के बीच ग्रामीण अपने पशुओं को भी सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में जुटे हैं। कई परिवार उन्हें ऊंचे स्थानों या रिश्तेदारों के यहां ले जा रहे हैं। दूसरी ओर, कई जगह सड़क संपर्क बाधित होने से राहत और आवाजाही में मुश्किलें बढ़ गई हैं। CM योगी ने लिया जायजा कुशीनगर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रभावित क्षेत्र का जायजा लिया और बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात कर हर संभव मदद का भरोसा दिया। इस बीच प्रभावित परिवारों की सबसे बड़ी चिंता सुरक्षित ठिकाने, भोजन और जरूरी राहत सामग्री को लेकर बनी हुई है। तटबंध टूटने के बाद पैदा हुए हालात ने ग्रामीणों की मुश्किलें अचानक बढ़ा दी हैं। कई परिवारों के लिए यह बाढ़ सिर्फ पानी का संकट नहीं, बल्कि घर, फसल और वर्षों की मेहनत बचाने की चुनौती बन गई है। ये भी पढ़ें: महिलाओं की सेफ्टी पर दिल्ली HC सख्त, Uber-Ola-Rapido समेत सरकार को नोटिस